इस पोस्ट में आज आपको मध्यप्रदेश में सरकारी जमीन का पट्टा ऑनलाइन कैसे बनाएँ, मध्यप्रदेश में सरकारी जमीन को अपने नाम पर कैसे करते हैं? इसके बारे में यहाँ पर पूरी जानकारी स्टेप बाई स्टेप दी गई हैं. आज भी यह बहुत लोगों को पता नहीं हैं. की Madhya Pradesh Sarkari Jameen Ka Patta Kaise Banaye जिसके चलते इस योजना का लोग लाभ नहीं ले पाते हैं.
यदि आप मध्यप्रदेश राज्य के निवासी हैं. और मध्यप्रदेश में किसी जमीन का पट्टा बनवाना चाहते हैं. तो यह पोस्ट आपके लिए बहुत ही उपयोगी हैं. इसे अंत तक जरुर पढ़ें. क्योंकि मध्यप्रदेश के राजस्व विभाग ने जमीन का पट्टा बनवाने की प्रक्रिया को ऑनलाइन शुरू कर दिया हैं. यदि आपके पूर्वज जिस भूमि पर 2 अक्टूबर 1959 से काबिज रहें हैं. तब आपको जमीन का पट्टा आवंटित किया जा सकता हैं.
पट्टे के लिए आप अपने घर बैठे ही कम्पूटर या मोबाइल से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए आपको मध्यप्रदेश राज्य सरकार के राजस्व विभाग के ऑफिसियल वेबसाइट पर जाकर कुछ प्रक्रिया को स्टेप बाई स्टेप पालन करना पड़ता हैं.
मध्यप्रदेश में सरकारी जमीन का पट्टा ऑनलाइन कैसे बनाएँ?
आप मध्यप्रदेश राज्य के निवासी हैं. और आपने नाम पर घर या जमीन नहीं हैं. और आपके पूर्वज कई पीढ़ियों से वहा पर रह रहें हैं. लेकिन उनके पास कुछ भी कागज उस घर या जमीन का नहीं हैं. तो आप उस घर या जमीन के पट्टे के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आपको mp patta online आवेदन कैसी करनी हैं. उसकी जानकारी स्टेप बाई स्टेप नीचे दी गई हैं.
- ऑनलाइन पट्टा बनवाने के लिए आपको सबसे पहले मध्यप्रदेश राज्य के राजस्व विभाग के ऑफिसियल वेबसाइट https://rcms.mp.gov.in पर जाना होगा.
- जब आपके सामने वेबसाइट ओपन हो जाती हैं. तब आपको बहुत सारे विकल्प दिखाई देता हैं. आपको मेनू बार में आवेदन का आप्शन दिखाई देगा इसे सेलेक्ट करें. फिर आपके सामने आवेदन करने की एक लिस्ट खुल जाएगी. इसमें से “आवासीय पट्टा” के विकल्प को सेलेक्ट करें.
- अब आपके सामने जमीन के पट्टे के लिए एक आवेदन फॉर्म खुल जाता हैं. जिसमे आपसे कुछ जानकारियाँ भरने के लिए कहा जाता हैं. फॉर्म में मांगे गए सभी विवरण को सही से भर दें. जैसे – अपने जिले के नाम, सब डिविजन, तहसील, आर. आई. सर्किल, पटवारी हल्का, ग्राम और कोर्ट/न्यायालय को सेलेक्ट करें.
- फिर आगे आपको आवेदकों और सीमाओं का विवरण भरना हैं. जैसे – एक्ट (जिसके अंतर्गत पट्टा आता हैं) इसको सेलेक्ट करें. फिर वादी का नाम, पिता का नाम, पता, फ़ोन नम्बर, जाती वर्ग, सामाजिक आर्थिक वर्ग, भूमि का क्षेत्रफल, सर्वे खसरा क्रमांक, भूमि की चौहदी का विवरण आदि को सही से भरें.
- अब आपसे जमीन के पट्टा से सम्बंधित दस्तावेज़ माँगा जाता हैं. जैसे – पंचायत प्रमाण पत्र, स्थल का फोटो, नजरिए नक्शा आदि. यदि आपके पास यह सभी दस्तावेज़ नहीं हैं. तो पहले इन सभी को बनवा लें. फिर जमीन के पट्टे के लिए आवेदन करें.
- पट्टा आवेदन के सभी विवरण को सही से भरने के बाद जो दस्तावेज़ मांगी गई हैं. उसे अपलोड कर दें. फिर में घोषणा करता हूँ “मैं घोषणा करता हूँ की उक्त वर्णित भूमि पर मेरे पूर्वज 2 अक्टूबर 1959 से काबिज रहे है” के सामने दिए गए चेक बॉक्स को मार्क लगा देना हैं. अब आवेदन फॉर्म को सबमिट करने के लिए नीचे दिए गए “सेव करें” बटन पर क्लिक करें.
- आप जैसे ही आवेदन को सबमिट करते हैं. आपको एक अप्लिकेशन नम्बर मिलता हैं. इसको ओके करने के बाद आपको आवेदन की पावती रसीद मिलेगी. इसमें आवेदन से संबंधित सभी विवरण दिया रहता हैं. इसमें यह भी लिखा होता हैं. की आपको सभी मूल दस्तावेज़ के साथ राजस्व न्यायालय में कब उपस्थित होना हैं. आपको पावती रसीद और मूल दस्तावेज़ को दिए गए तारीख समय पर राजस्व न्यायालय में उपस्थित होना पड़ेगा. जहाँ पर आपके सभी दस्तावेज़ की जाँच होगी. सभी दस्तावेज़ सही पाए जाते हैं. और पट्टा के मापदंडों को पूरा करते हैं. तो आपको उस जमीन का पट्टा आवांटित कर दिया जाता हैं.
मध्यप्रदेश राज्य के उन जिलों का नाम जिनका ऑनलाइन पट्टा उपलब्ध हैं.
| आगर मालवा – AgarMalwa | खरगौन – Khargone |
| अलीराजपुर – Alirajpur | मंडला – Mandla |
| अनूपपुर – Anuppur | मंदसौर – Mandsaur |
| अशोकनगर – Ashok Nagar | मुरैना – Morena |
| बालाघाट – Balaghat | नरसिंहपुर – Narsinghpur |
| बड़वानी – Barwani | नीमच – Neemuch |
| बैतूल – Betul | निवाड़ी – Niwari |
| भिण्ड – Bhind | पन्ना – Panna |
| भोपाल – Bhopal | रायसेन – Raisen |
| बुरहानपुर – Burhanpur | राजगढ़ – Rajgarh |
| छतरपुर – Chhatarpur | रतलाम – Ratlam |
| छिंदवाड़ा – Chhindwara | रीवा – Rewa |
| दमोह – Damoh | सागर – Sagar |
| दतिया – Datia | सतना – Satna |
| देवास – Dewas | सीहोर – Sehore |
| धार – Dhar | सिवनी – Seoni |
| डिंडौरी – Dindori | शहडोल – Shahdol |
| गुना – Guna | शाजापुर – Shajapur |
| ग्वालियर – Gwalior | श्योपुर – Sheopur |
| हरदा – Harda | शिवपुरी – Shivpuri |
| होशंगाबाद – Hoshangabad | सीधी – Sidhi |
| इंदौर – Indore | सिंगरौली – Singrouli |
| जबलपुर – Jabalpur | टीकमगढ़ – Tikamgarh |
| झाबुआ – Jhabua | उज्जैन – Ujjain |
| कटनी – Katni | उमरिया – Umaria |
| खण्डवा – Khandwa | विदिशा – Vidisha |
FAQ
मध्यप्रदेश राज्य में जमीन का पट्टा बनवाने के लिए क्या शर्ते हैं?
आवेदक के पूर्वज उक्त वर्णित भूमि पर 2 अक्टूबर 1959 से काबिज रहे हो.
MP में पट्टा बनवाने के लिए कौन – कौन से दस्तावेज़ चाहिए?
- पंचायत प्रमाण पत्र
- स्थल का फोटो
- नजरिए नक्शा
क्या पट्टा धारक जमीन का मालिक होता हैं?
नहीं पट्टाधारक जमीन का मालिक नहीं होता हैं. सरकार उसे एक निश्चित अवधि के लिए किसी विशेष उद्देश्य के लिए जमीन पट्टे पर आवंटित करती हैं. पट्टाधारक पट्टे वाली जमीन का खरीद बेच भी नहीं कर सकता हैं.
लीज का मतलब क्या होता हैं?
लीज (पट्टा) एक प्रकार का अनुबंध हैं. लीज एग्रीमेंट में वो शर्तें होती हैं. जो सुनिश्चित करता हैं. की प्रॉपर्टी के मालिक और किरायेदार के बीच किन शर्तों पर किरायेदार को प्रॉपर्टी का इस्तेमाल करने की अनुमति देता है।
सरकारी पट्टा भूमि क्या हैं?
असंक्रमयी भूमि को पट्टा वाली जमीन कहते हैं. इस जमीन का मालिकाना हक़ राज्य सरकार या केंद्र सरकार के पास होता हैं. इसे गरीब और भूमिहीन लोगों को कुछ निश्चित अवधि के लिए पट्टे पर किसी उद्देश्य के लिए दिया जाता हैं.






